एसएस इनोवेशन्स ने किया मोबाइल टेली-सर्जिकल यूनिट मंत्राएम का अनावरण
भारत में रोबोटिक सर्जरी और टेलीमेडिसिन में आयेगा बदलाव
एसएस इनोवेशन्स ने दूसरे ग्लोबल एसएमआरएससी में एसएसआई मंत्रा टेली-सिंक मोबाइ यूनिट, ‘‘एसएसआई मंत्राएम’ का अनावरण किया। यह आधुनिक मोबाइल सर्जिकल युनिट दूरदराज के इलाकों के लिए आधुनिक रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी तथा रियल-टाईम टेली सर्जरी क्षमता के साथ उच्च गुणवत्ता की सर्जिकल देखभाल को सुलभ बनाएगी।
एसएमआरएससी 2025 में उद्योग जगत के गणमान्य दिग्गज एकजुट हुए, इनमें शामिल थे -थ्योरिसिस्ट एवं फ्युचुरिस्ट डाफ मिचियो काकु; इनोवेटर एवं शिक्षा सुधारक सोनम वांगचक, सर्जिकल रोबोटिक्स के जनक डॉ फ्रेडरिक मोल सहित इन सभी दिग्गजों ने रोबोटिक सर्जरी और हेल्थकेयर के भविष्य को आयाम देने में इनोवेशन्स की भूमिका पर रोशनी डाली। कई महाद्वीपों से 150 से अधिक अग्रणी विशेषज्ञों सहित 1200 से अधिक डॉक्टरों ने रोबोटिक सर्जरी के भविष्य और आधुनिक प्रगति पर चर्चा की ।गुरूग्राम स्थित एसएस इनोवेशन्स के मुख्यालय से 1700 किलोमीटर की अधिक दूरी पर बैंगलोर के एस्टर सीएमआई हॉस्पिटल में टेलीसर्जरी को अंजाम दिया गया, जो रिमोट सर्जिकल केयर में बड़ी उपलब्धि है।भारत के पहले और एकमात्र स्वदेशी सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम एसएसआई मंत्रा के निर्माता एसएस इनोवेशन्स ने गुरूग्राम स्थित द लीला में दूसरे ग्लोबल एसएसआई मल्टी-स्पेशलटी रोबोटिक सर्जरी कॉन्फ्रैन्स (एसएमआरएससी) 2025 का आयोजन किया । दो दिवसीय कार्यक्रम में दुनिया भर से 1200 से अधिक प्रख्यात चिकित्सा पेशवर शामिल हुए, जिन्हें इस मंच के माध्यम से रोबोटिक सर्जरी की बदलावकारी क्षमता के बारे में जानने का अवसर मिला। अपनी तरह की अनूठी यह पहल भारत में रोबोटिक सर्जरी और टेलीमेडिसिन में नया बदलाव लेकर आएगी।
डॉ सुधीर श्रीवास्तव, संस्थापक एवं चेयरमैन और सीईओ, एसएस इनोवेशन्स के अनुसार - ‘‘एसएसआई मंत्राएम एक मोबाइल टेलीसर्जिकल युनिट से कहीं बढक़र है। यह विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक बदलाव लाने का एक आंदोलन है। हाई-स्पीड टेलीकम्युनिकेशन एवं सैटेलाईट कनेक्टिविटी के साथ यह भौगोलिक बाधाओं को दूर करता है तथा उन वंचित समुदायों के लिए जीवन रक्षक रोबोटिक-असिस्टेट सर्जरी को सुलभ बनाता है, जो इससे वंचित हैं।
सोनम वांगचक, इनोवेटर एवं शिक्षा सुधारक के अनुसार - ‘‘सिर्फ एक डॉक्टर ही बीमार व्यक्ति को ठीक कर सकता है, उसी तरह एक एनवायरमेंटल इंजीनियर धरती की समस्याओं को पहचान कर इसमें सुधार ला सकता है, इसके संतुलन को बहाल कर सकता है। इनोवेशन, स्थायी टेक्नोलॉजी एवं समुदाय-उन्मुख समाधानों के साथ हम सभी के लिए स्थायी भविष्य को सुनिश्चित करना चाहते हैं। स्वस्थ धरती सिर्फ एक दृष्टिकोण ही नहीं बल्कि उभरते एवं उज्जवल भविष्य की आवश्यकता है।’
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